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Introduction of Municipal Corporation, Korba

परिचय


प्रदेश के पूर्वांचल में स्थित कोरबा नगर, हसदेव नदी के किनारे एक औद्योगिक नगर के रूप में तीव्र गति से विकसित हो रहा है। प्राकृतिक खनिज संपदा से भरपूर यह क्षेत्र विकास की सम्भावनाओं को अपने अंदर ही संजोये हुए है। कोयला खदानों एवं अन्य खनिज पदार्थों से भरपूर यह क्षेत्र साधन सम्पन्न है तथा विद्युत उत्पादन का एक प्रमुख केन्द्र है।


औद्योगिकीकरण के दुष्परिणामों से यह नगर अछूता नहीं है। कारखानों से जल और वायु प्रदूषण होता है। इनसे निकले कण/धूल हवा के साथ मिलकर दूर तक फैल जाते हैं। पर्यावरण की समस्या के अतिरिक्त आवास तथा यातायात की उत्पन्न समस्याओं तथा नगर सेवा सुविधाओं की कमी भी है।


विभिन्न औद्योगिक इकाईयों में जैसे- छ.ग. राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड, एन.टी.पी.सी. इत्यादि अपने-अपने क्षेत्राधिकार में छोटे-छोटे बस्तियों के रूप में नगर विकसित किया है। लेकिन इनमें सभी का समन्वित योजना के आधार पर विकास नहीं हुआ है। जनसंख्या वृद्धि के कारण नगरीय परिवारों एवं रहवासी मकानों की कमी आदि समस्याएँ भी उत्पन्न हो गई है।


इन समस्याओं का समाधान करने हेतु यह आवश्यक है कि भूमि का उचित उपयोग एवं नियंत्रण रखा जाये जिससे कि नगर के सुधार के साथ पर्यावरणयुक्त एवं संतुलित विकास हो सके। नगर के संभावित विकास को दृष्टि में रखते हुए आवश्यक समय से ही इसके लिए एक ऐसी विकास योजना बनाई जाये जिससे नगर विकास को सुनियोजित दिशा मिल सके और नागरिकों को स्वच्छ पर्यावरण एवं नगरीय सुविधाएँ उपलब्ध हो सके। इसी उद्देश्य को पूर्ण करने हेतु यह नगर विकास योजना तैयार कर शासन को अनुमोदन हेतु भेजी जा रही है ताकि नगर को वर्तमान जनसंख्या के साथ-साथ संभावित भावी निवासियों को स्वच्छ वातावरण के साथ-साथ आवश्यक अधोसंरचना उपलब्ध हो सके।


संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा नगर की आवश्यकताओं के भावी विकास के लिए यह योजना वर्ष 2001 की अनुमानित जनसंख्या 4.00 लाख की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गयी है। जिसमें भूमि के उपयोग एवं विकास के प्रस्तावों के साथ-साथ पर्यावरणीय अधोसंरचना एवं सुविधाओं के प्रस्ताव भी शामिल किए गए हैं ताकि योजनाकाल के उपरांत नगरीय गतिविधियाँ सक्षम एवं सुचारु रूप से कार्यरत रह सकें।


इस विकास योजना के क्रियान्वयन से निःसंदेह नगर का समन्वयात्मक नियोजित विकास होगा। अतः योजना के क्रियान्वयन हेतु क्रियान्वयन संस्थाओं के योगदान के साथ-साथ नगरवासियों का भी योगदान अपेक्षित है।


मुख्य बिंदु


  • निगम क्षेत्रांतर्गत कोयले पर आधारित विद्युत संयंत्र (ताप विद्युत संयंत्र) स्थापित होने के कारण इन विद्युत संयंत्रों से उड़ने वाली राखड़ (फ्लाई ऐश) यहाँ के पर्यावरण एवं निवास करने वाले नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।
  • औद्योगिक इकाईयों के स्थित होने से निगम क्षेत्र में अधिकांशतः कुशल, अकुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिक निवास करते हैं।
  • निगम का क्षेत्रफल अधिक है तथा निगम क्षेत्र में कोल-क्षेत्र (कोयला खदान क्षेत्र) होने के कारण यहाँ की भौगोलिक स्थिति समय-समय बदलती रहती है।

नगर निगम का संक्षिप्त विवरण


कोरबा जिले से सबसे बड़ा नगर कोरबा शहर है जहाँ पर नगर पालिक निगम अस्तित्व में है। नगर पालिक निगम कोरबा का गठन वर्ष 2000 में अस्तित्व में आया एवं तत्समय नगर पालिक निगम कोरबा में कुल 51 वार्ड अस्तित्व में थे। वर्ष 2004 में नगर पालिक निगम के वार्डों का परिसीमन किया गया तथा निगम के वार्डों की कुल संख्या बढ़कर 58 हो गयी।


निगम का क्षेत्रफल 215 वर्ग कि.मी. है। कोरबा नगर निगम क्षेत्र में कोरबा नगर के अलावा लगभग 500 बस्तियाँ पाई जाती हैं तथा क्षेत्रफल की दृष्टि से यह प्रदेश का सबसे बड़ा नगर निगम क्षेत्र है। निगम के अंतर्गत अधिसूचित गरीब रेखा की मलिन बस्तियों की संख्या 62 है।


जनगणना 2011 के अंतिम आंकड़े अनुसार कोरबा शहर में साक्षरता दर 84.51 प्रतिशत है जो कि राष्ट्रीय औसत 59.5 प्रतिशत एवं राज्य औसत 72.1 प्रतिशत से अधिक है। कोरबा नगर निगम क्षेत्र में प्रति 1000 पुरुषों में महिला का अनुपात 930 है। जिले की प्रमुख नदी हसदेव है। इस नदी पर जिला मुख्यालय से 40.0 कि.मी. दूरी पर बाँगो डेम बनाया गया है तथा इससे सिंचाई व पेयजल की सुविधा होती है। हसदेव नदी नगर पालिक निगम कोरबा की सीमा को दो हिस्सों में बाँटती है—कोरबा पूर्व एवं कोरबा पश्चिम।


नगर पालिक निगम कोरबा, जिला-कोरबा (छ.ग.) — परिसीमन नजरी नक्शा


Korba Map

कोरबा नगर निगम एक दृष्टि में (प्रोफाइल)


शहर का प्रोफाइल
शहर का नाम कोरबा
जिला कोरबा
क्षेत्रफल वर्ग (5.9 किलोमीटर) 215.02 वर्ग कि.मी.
भौगोलिक स्थान 22 डिग्री 20 कला उत्तरी अक्षांश एवं 82 डिग्री 42 कला पूर्वी देशांतर
संपर्कता
हवाई - हाँ
रेल - हाँ
सड़क - हाँ
कुल जनसंख्या (2011) 365073
जनसंख्या घनत्व (2011) 1698 प्रति वर्ग कि.मी.
कुल वार्डों की संख्या 58
सड़कों की लम्बाई (2011) नगर की: 626.44 K.m.
सार्वजनिक उपक्रम: 165.0 K.m.
कुल: 791.44 K.m.
अनुसूचित जाति की जनसंख्या प्रतिशत 11.44
अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या का प्रतिशत 6.37
परिवार का औसत आकार (2011) 4-5
गरीबी रेखा के नीचे की जनसंख्या 169815
गरीबी रेखा के नीचे परिवारों की संख्या 33963
अधिसूचित मलिन बस्तियों की संख्या (2011) 62
अनधिसूचित मलिन बस्तियाँ 41
स्लम मलिन बस्तियों की आबादी का प्रतिशत 46.5
लिंग अनुपात (2011) (1000 पुरुषों में महिला की संख्या) 930
वृद्धि दर (2001–2011) 13.53
साक्षरता दर (2011) प्रतिशत 73.8
कुल कर्मी (2011 की जनगणना) 89297
मुख्य श्रमिक (2011 की जनगणना) 78585
सीमान्त श्रमिक (2011 की जनगणना) -